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ए. एम. आइ. ई. के बाद एम टेक कैसे करें। आजकल विशेषज्ञता का जमाना है। हॉलाकि बी टेक लेवल पर कई अभियांत्रिकी आधारित बेसिक कोर्स कराये जाते हैं परंतु किसी एक अभियांत्रिकी शाखा जैसे सिविल अभियांत्रिकी, के किसी एक उपशाखा जैसे भू-अभियांत्रिकी के विशेष ज्ञान के लिये एम टेक करना आवश्यक हो जाता है। ऐसे कई इंजिनियरिंग कॉलेज हैं जहाँ से एम टेक किया जा सकता है। एम टेक करने की पहली शर्त यह है कि आपने बी टेक अथवा ए. एम. आइ. ई. किया हो। परंतु एम टेक करने के लिये सर्वप्रथम गेट की परीक्षा अच्छे स्कोर से पास करना आवश्यक है। अगर आपका स्कोर 99 है तो इसका यह अर्थ है कि आप टॉप 1 प्रतिशत अभियार्थियो मे हैं। अगर आपका गेट स्कोर 70 प्रतिशत से कम है तो आप फेल माने जायेंगे। 85 से ऊपर का गेट स्कोर अच्छा माना जाता है। अगर आपका गेट स्कोर 95 से अधिक है तो आपको आई आई टी मे प्रवेश के लिये प्रयास करना चाहिये। 85 से 95 के मध्य आपको रीजनल इंजिनियरिंग कॉलेजो मे प्रयास करना चाहिये। यह परीक्षा फरवरी माह के दूसरे रविवार को होती है। यह परीक्षा तीन घंटे की होती है तथा कुल 150 नंबर का पेपर होता है (ऑब्जेक्टिव – 75, थ्योरी – 75)। इस परीक्षा हेतु विज्ञापन अक्टूबर प्रथम माह मे राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्रो मे निकलता है। परीक्षा परिणाम मार्च के आखिरी दिन घोषित होता है। अगर आप अच्छे स्कोर से गेट की परीक्षा पास करते हैं तो न सिर्फ आपको एक अच्छे इंजिनियरिंग कॉलेज/आई आई टी मे प्रवेश मिलेगा अपितु एक बहुत अच्छी स्कॉलरशिप (पूरे 18 माह तक) भी मिलेगी। गेट पास अभियार्थियों को सी एस आई आर की लैब्स मे जूनियर रिसर्च फैलोशिप भी मिल सकती है। एडमिशन के लिये गेट स्कोर दो साल तक प्रयोग किया जा सकता है। एडमिशन के लिये आपको विभिन्न इंजिनियरिंग कॉलेजो/आई आई टी के प्रवेश विज्ञापनो पर निगाह रखनी होगी। ये विज्ञापन अप्रैल माह से आरंभ होकर जुलाई माह तक चलते रहते हैं। इन कॉलेजो मे प्रवेश - गेट स्कोर, साक्षात्कार, लिखित परीक्षा तथा अनुभव के आधार पर मिलता है। सामान्यत: गेट के स्कोर को सत्तर प्रतिशत तथा लिखित परीक्षा/साक्षात्कार को तीस प्रतिशत महत्व दिया जाता है। कुछ स्थानो पर (जैसे दिल्ली इंजिनियरिंग कॉलेज) अनुभव को भी महत्व देते हैं। अगर आपने ए. एम. आइ. ई. किया है तो आपको माईग्रेशन सर्टिफिकेट की व्यवस्था भी करनी होगी। यह प्रमाण पत्र आपको अपने पिछले संस्थान जैसे पॉलिटेक्निक/कॉलेज से प्राप्त होगा। एक रेगुलर बी टेक अभियार्थी को गेट की तैयारी करने मे विशेष परेशानी नही होती है परंतु एक ए. एम. आइ. ई. अभियार्थी को समयाभाव के कारण कुछ परेशानी हो सकती है। परंतु अगर द्रढ निश्चय व उचित समय प्रबंधन के साथ तैयारी की जाय तो गेट की परीक्षा को आसानी से पास किया जा सकता है। पिछ्ले प्रश्न पत्रो का अध्ययन अवश्य करना चाहिये। एक अच्छा पोस्टल कोर्स अवश्य करना चाहिये। पाजिटिव माइंड के लिये परीक्षा तकनीक, नोटस बनाने की कला, योगा व मेडिटेशन पर उपलब्ध साहित्य अवश्य पढे। इन विषयो पर ढेरो वेब साइटे भी उपलब्ध हैं। तैयारी हमेशा तनाव मुक्त होकर करें। लंबे स्ट्रेच मे पढाई न करें। पढाई छोटे-2 स्ट्रेच मे करें। बीच-2 मे अपने पसंदीदा संगीत अथवा बाहर घूमकर प्रकृति का आनंद अवश्य लें। |
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