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डिप्लोमा के बाद बी. टेक एक डिप्लोमा धारक अगर बी . टेक करना चाहे तो उसके पास दो ही विकल्प हैं - या तो वो रेगुलर बी.टेक करे अथवा ए.एम.आई.ई.करे। रेगुलर बी.टेक करने मे दो बाधाऐ हैं, पहली - अधिकांश बी टेक कोर्स महंगे हैं तथा दूसरी - रेगुलर बी टेक के साथ आप नौकरी नही कर सकते। एकमात्र ए.एम.आई.ई.ही ऐसा विकल्प है जिसमे आप नौकरी के साथ पढाई भी कर सकते हैं।ए.एम.आई.ई.की परीक्षा द् इंस्टीटयूशन आफ इंजिनियर्स(इंडिया) द्वारा आयोजित की जाती है। हैडआफिस कलकत्ता मे है। पता है - ८, गोखले रोड, कलकत्ता, ७०० ०२०। परीक्षा जून व दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में होती हैं। एक दिन में दो पेपर होते हैं। परीक्षा परीणाम १४ हफ्ते बाद आता है। डिप्लोमा होल्डर के लिये कुल १३ पेपर हैं - सेक्शन ए में ४ व सेक्शन बी मे ९ पेपर होते हैं। अगर आपने १०+२ विज्ञान विषयों मे किया है(न्यूनतम ४५% अंको से), तो भी आप ए.एम.आई.ई.कर सकते हैं। १०+२ के लिये कुल १९ पेपर हैं - सेक्शन ए में १० व सेक्शन बी मे ९। आप किसी भी ब्रांच(सिविल, मैकेनिकल, ईलेक्ट्रीकल, इलेक्ट्रानिक्स, कंप्यूटर, कैमिकल, माइनिंग, टेक्सटाइल, प्रोडक्शन व मैटलर्जी) से ए.एम.आई.ई. कर सकते हैं। पूरे भारत में कुल ६० स्थानों पर परीक्षायें होती हैं। भारत से बाहर भी परीक्षायें होती हैं - गल्फ देशों मे। वर्तमान में कुल ४.५ लाख से ज्यादा डिप्लोमा धारक ए.एम.आई.ई.कर रहें हैं। द् इंस्टीटयूशन आफ इंजिनियर्स(इंडिया) के पूरे भारत मे ९० से ज्यादा सेंटर हैं तथा भारत से भाहर गल्फ शहरों जैसे बहरीन, दोहा, दुबई, कुवैत, आबूधाबी इत्यादि मे भी सेंटर हैं।ए.एम.आई.ई.परीक्षा देने से पूर्व सदस्यता लेनी होती है जिसका शुल्क मात्र 4800 रुपये होता है। अतः संभवतः यह सबसे सस्ती डिग्री है। परीक्षा की तैयारी के लिये अच्छी पाठन सामग्री ए.एम.आई.ई.स्टडी सर्किल के पास उपलब्ध है। ए.एम.आई.ई.के बाद आप कर सकते हैं - एम टेक, बी. टेक के समकक्ष नौकरी, आइ. ई. एस., अपनी कंसल्टेंसी इत्यादि। अगर आप गेट की परीक्षा पास करके एम टेक करेंगे तो आपको एक अच्छी स्कालरशिप भी मिलेगी। अधिकांश एम टेक मात्र दो साल मे हो जाती हैं। ए.एम.आई.ई. स्टडी सर्किल की वेब साइट द्वारा पूरे भारत में कराये गये सर्वेक्षण से पता चलता है कि ७० प्रतिशत छात्र ए.एम.आई.ई.के बाद एम टेक करना चाहते हैं।ए.एम.आई.ई. के बाद प्लेसमेंट की सुविधा भी उपल्ब्ध है। यह प्लेसमेंट द इंस्टीट्यूशन आफ इंजीनीयर्स के वार्षिक समारोह मे होता है। जहाँ एक ओर डिप्लोमा के बाद १०००० से १५००० के मध्य वेतनमान मिलता है , वहीं दूसरी ओर ए.एम.आई.ई.करने के बाद आप पा सकते हैं २५ से ३० हजार के मध्य वेतनमान। अगर आप सरकारी नौकरी मे हैं तो आपको प्रोमोशन भी अवश्य मिलेगा।ए.एम.आई.ई.करने के बाद आप द् इंस्टीटयूशन आफ इंजिनियर्स(इंडिया) के विभिन्न गेस्ट हाउसों का लुत्फ भी उठा सकते हैं। सदस्यों के लिये शुल्क नाममात्र को ही है। शिमला, देहरादून, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, चंदीगढ, बेंगलूर, कलकत्ता जैसी लगभग ४० प्रसिद्ध शहरो मे इसके गेस्ट हाउस हैं। सभी गेस्ट हाउस विभिन्न सुविधाओं से सुसज्जित हैं। कुल मिलाकर डिप्लोमा धारक के लिये जो बी टेक करना चाहे, सस्ता व सुलभ विकल्प ए.एम.आई.ई. ही है जो उसके अच्छे भविष्य की चाबी भी है। और जानकारी के लिये आप pcourses@hotmail.com पर संपर्क कर सकते हैं।कुछ भ्रम ए एम आई ई की परीक्षा से संबंधित यह परीक्षा अत्यंत कठिन है। यह सत्य नही है। सच्चाई यह है है की 90% परीक्षार्थी जौब मे होते हैं, अत: वो ज्यादा समय नही दे पाते हैं। शायद यही कारण है की यह परीक्षा उन्हे कठिन लगती है। अगर पूरी प्लानिंग व अच्छे कोर्स की मदद से तैयारी की जाये तो कोई कारण नही की परीक्षा कठिन लगे। इसमे टाइम मैनेजमेंट महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। इस संदर्भ मे आप हमारे स्टडी स्किल सेक्शन को देखे। इस परीक्षा को पास करने मे कई वर्ष लग जाते हैं। यह बिल्कुल गलत तथ्य है। अच्छे कोर्स की म्दद से आप इस परीक्षा को मात्र तीन वर्ष मे पास कर सकते हैं। प्रत्येक वर्ष जून व दिसंबर मे यह परीक्षा होती है, तथा एक बार मे आप अधिकतम चार पेपर दे सकते हैं। इस प्रकार आप डिप्लोमा स्ट्रीम के 13 पेपर मात्र दो वर्ष मे पास कर सकते हैं। नान डिप्लोमा स्ट्रीम के 19 पेपर आप मात्र दो वर्ष व छ माह मे पास कर सकते हैं। हाँ अगर आप गंभीर नहीं हैं तो शायद आप इस परीक्षा को पास ही नही कर पाये। अत: इस परीक्षा मे बैठने से पहले अपने कैलिबर को अवश्य ही जाँच ले।
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